धन्यवाद भाई जी, तन्नैं होश दिलायी के बिन पहेल्ली पुच्छै इह निट्ठल्ले को ब्लागर मानता ए कोण्या ? भाई, आप बात तो ठीक कहवै सौं, बुरी सँगत में पड़कै, मैं भी बड्डी बड्डी पोस्ट लिखण लाग्यै लग सै । जे पहेल्ली ना पुच्छी ते फेर ब्लागर किस्सा ? आज रस्म अदा कैण वास्ते इक निट्ठल्ली पहेल्ली हो जाण दै । मन्नैं इनाम वीनाम देना कोणी, मर्ज़ी हो बूझ.. ना मर्ज़ी बने  तो टिप्पण आले बक्से से परे नट जा ।          ये रही अपणी पहेल्ली..

एक मारे से मरा
काण खोल के पढ लै, एक मारे से मरा..
दो सँदेशे से मरे
और सँदेशी मरा जब तीन चले परदेश
ते कुल पहेल्ली यो करके बनी के

एक मारे से मरा
दो सँदेशे से मरे
सँदेशी मरा कब ?
जब तीन चले परदेश

मुस्किल आण पडी हो ते यो बता दूँ के…
यो पहेल्ली लाल लँगोटे वाले लँगूर के बास के खानदानी से मतलब राख्यै सै !

 
लगे हाथ निट्ठल्ले का ग़ज़नी के स्क्रीन टस्ट से रिजिक्ट फोट्टू भी देखता जा, यो पहेल्ली का हिस्सा नाय

        c2amar4gazni Amar-bana-Gazni

 

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